कांग्रेस के हल्लाबोल से बिजली विभाग में हड़कंप, अधिकारी हुए नतमस्तक!

0 बासीन विद्युत कार्यालय घेराव के बाद बड़ा असर—कनिष्ठ यंत्री डी.के. ठाकुर का तबादला, शिकायतों की जांच का लिखित आश्वासन; चखना सेंटर बंद कराने पर भी सहमति
फिंगेश्वर/बासीन। क्षेत्र में लगातार सामने आ रही विद्युत समस्याओं, किसानों से संबंधित ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग में कथित लापरवाही, विद्युत कार्यों के लिए राशि लिए जाने की शिकायतों और कनिष्ठ यंत्री डी.के. ठाकुर की कार्यशैली के खिलाफ मंगलवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर के नेतृत्व एवं कांग्रेस कमेटी मंडल रावड़ के तत्वावधान में बासीन विद्युत कार्यालय का घेराव किया गया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों के आक्रोश के आगे विद्युत विभाग को लिखित आश्वासन देना पड़ा।
आंदोलन की शुरुआत बासीन सतनाम मंदिर से रैली के रूप में हुई, जहां से कांग्रेस कार्यकर्ता विद्युत कार्यालय पहुंचे और विभाग की कथित लापरवाही के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी फिंगेश्वर द्वारा सौंपे गए लिखित ज्ञापन में ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के लिए राशि जमा कराने के बाद भी कार्य लंबित रखने, बासीन विद्युत वितरण केंद्र में पर्याप्त एवं जिम्मेदार विभागीय व्यवस्था सुनिश्चित करने, ग्राम पंचायत बकली सहित क्षेत्र को बेहतर फीडर व्यवस्था से जोड़ने, खराब विद्युत लाइन, जर्जर पोल, तार एवं अन्य उपकरणों की तत्काल मरम्मत, अनावश्यक एवं बार-बार विद्युत कटौती पर रोक, खराब ट्रांसफार्मर को निर्धारित समय-सीमा में बदलने तथा ट्रांसफार्मर, लाइन अथवा अन्य विद्युत कार्यों के लिए विभागीय शुल्क के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की अनधिकृत राशि की मांग या वसूली नहीं करने की मांग शामिल थी।
ज्ञापन में कनिष्ठ यंत्री डी.के. ठाकुर के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई थी।
आंदोलन के दौरान मुख्य अभियंता विद्युत विभाग द्वारा कांग्रेस प्रतिनिधियों को हस्तलिखित रूप से आश्वासन दिया गया। इसमें शिकायतों एवं लंबित विद्युत समस्याओं के निराकरण के लिए कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। दस्तावेज में उल्लेख है कि ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों एवं आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का तत्काल निराकरण कराया जाएगा तथा संबंधित मामलों को विभागीय स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आश्वासन केवल कागज तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अब विभाग को धरातल पर परिणाम दिखाना होगा।
आंदोलन के दौरान ही कनिष्ठ यंत्री डी.के. ठाकुर का बासीन विद्युत कार्यालय से तबादला कर दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे जनता की एकजुट आवाज और आंदोलन की तत्काल सफलता बताया।
वहीं, डी.के. ठाकुर के खिलाफ लगाए गए आरोपों एवं शिकायतों की जांच की मांग पर भी विभागीय स्तर पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दोषी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
दारूभट्ठी मोड़ का चखना सेंटर भी निशाने पर
आंदोलन में राजिम-पितईबंद मार्ग के दारूभट्ठी मोड़ पर संचालित चखना सेंटर को तत्काल बंद कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। कांग्रेस नेता मुकेश भारती ने कहा कि मुख्य मार्ग पर चखना सेंटर के कारण शराबियों का जमावड़ा रहता है, जिससे महिलाओं, छात्र-छात्राओं और आम राहगीरों को परेशानी होती है तथा यातायात भी प्रभावित होता है।
मामले में तहसीलदार द्वारा तत्काल चखना सेंटर बंद कराने का आश्वासन दिया गया।
आंदोलन के बाद तबादला, जांच का आश्वासन और चखना सेंटर पर कार्रवाई की सहमति ने यह संदेश जरूर दे दिया कि जब जनता की समस्याओं को लंबे समय तक अनसुना किया जाता है, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर जवाब मांगना भी जानती है।
वरिष्ठ कांग्रेसी डीके ठाकुर, पुष्पा जगन्नाथ साहू, दानसिंग निषाद, सुंदर साहू, देवा साहू, प्रकाश चंदनिया, छबि साहू, रोशन डहरिया, भारत निषाद, नारद साहू, दुर्गा सिन्हा, भुनेश्वरी बंजारे, योगेश्वरी साहू, खिलेश साहू, तेजस यदु, राजेंद्र साहू, गुलशन जांगड़े, सोनू मिरी, घासी सोनवानी, रामदास भारती, ठाकुर ओगरे, गुलाल साहू, अशोक निर्मलकर, दौलत यादव, इच्छा निर्मलकर, खेमराज सिंह, गुलशन रातें, युगल, युगल रातें, संतु साहू, लक्ष्मण भारती सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।





