जनजातीय संग्रहालय बना आकर्षण का केंद्र, 10 महीने में 2.50 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा

0 देश-विदेश से पहुंच रहे पर्यटक, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए बना प्रेरणा व ज्ञान का केंद्र
रायपुर। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। वहीं विद्यार्थी, शोधार्थी और आम नागरिक भी छत्तीसगढ़ के जनजातीय इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरगाथाओं को जानने के लिए संग्रहालय का रुख कर रहे हैं।
संग्रहालय के लोकार्पण के करीब दस महीनों में 2.50 लाख से अधिक लोग इसका भ्रमण कर चुके हैं। इनमें विदेशी पर्यटकों के साथ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, प्रशासनिक अधिकारी, शोधार्थी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हैं।
PM मोदी ने 1 नवंबर 2025 को किया था लोकार्पण
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2025 को इस भव्य संग्रहालय का लोकार्पण किया था। संग्रहालय में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष, शौर्य और बलिदान को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से प्रदर्शित किया गया है।
छुट्टियों में रोजाना 4-5 हजार पर्यटक
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मुताबिक संग्रहालय को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह है। छुट्टियों और त्योहारों के दौरान प्रतिदिन करीब 4 से 5 हजार लोग संग्रहालय पहुंच रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में भी 1,000 से 1,200 आगंतुक यहां पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का संग्रहालय तक पहुंचना इसके निर्माण के उद्देश्य की सार्थकता को दर्शाता है। संग्रहालय नई पीढ़ी को जनजातीय समाज के पुरखों की वीरता और साहस से परिचित कराने का काम कर रहा है।
डिजिटल सुविधाओं से लैस है संग्रहालय
संग्रहालय में आगंतुकों को जानकारी देने के लिए गाइड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा संग्रहालय पूरी तरह डिजिटल है। विभिन्न स्थानों पर लगे QR कोड स्कैन कर और माइक्रोफोन के माध्यम से भी जानकारी हासिल की जा सकती है।
दिव्यांग और महिला आगंतुकों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर और शिशु देखभाल कक्ष की व्यवस्था की गई है। परिसर में पार्किंग, शुद्ध पेयजल, शौचालय, सूचना केंद्र और प्राथमिक उपचार केंद्र भी उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिए पूरा परिसर सीसीटीवी से लैस है।
विदेशी पर्यटकों ने भी की सराहना
संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. अनिल वीरूलकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से भी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। हाल ही में विदेशी पर्यटकों के एक दल ने संग्रहालय का भ्रमण किया और डिजिटल प्रस्तुति की सराहना की।
नवा रायपुर में आयोजित डीजीपी कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संग्रहालय का दौरा किया। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत सहित न्यायाधीशों का दल, प्रशासनिक प्रशिक्षु अधिकारी और सेना के अधिकारी भी यहां पहुंच चुके हैं।
छात्रों के लिए भी बना ज्ञान का केंद्र
यूपीएससी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहीं छात्राओं ने संग्रहालय को परीक्षा की दृष्टि से भी उपयोगी बताया। छात्राओं के अनुसार, यहां प्रदर्शित दृश्य और ऐतिहासिक जानकारी उन्हें छत्तीसगढ़ के इतिहास से जोड़ती है और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी ज्ञानवर्धक है।
वहीं संग्रहालय देखने पहुंचे लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरगाथाओं को जीवंत रूप में देखना गर्व और प्रेरणा का अनुभव कराता है।
जनजातीय संग्रहालय अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति, शौर्य और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण ज्ञान केंद्र बनता जा रहा है।



