महाकाल मंदिर में नागचंद्रेश्वर दर्शन के दौरान मची भगदड़ जैसी स्थिति, करंट की अफवाह से सहमे श्रद्धालु,13 अस्पताल पहुंचे

उज्जैन। महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के बीच सोमवार सुबह दो अलग-अलग स्थानों पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। नीलकंठ द्वार के पास करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसे हालात बन गए। वहीं हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई।
घटना के बाद करीब 13 श्रद्धालुओं को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। सभी का उपचार उज्जैन जिला अस्पताल में जारी है। चिकित्सक घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
करंट की अफवाह से बिगड़ी स्थिति
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। इसके बाद कतार में खड़े श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए।अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से कई लोग गिर पड़े और कुछ श्रद्धालु घायल हो गए।
बैरिकेड से टकराने पर श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोट
अफरा-तफरी के दौरान हरिश्चंद्र नामक श्रद्धालु बैरिकेडिंग से टकरा गए, जिससे उनके पैरों में गंभीर चोट आई। अन्य श्रद्धालुओं को भी चोटें आईं और कुछ की तबीयत बिगड़ गई।
घायलों में उज्जैन, ग्वालियर, गंजबासौदा, बिहार और गुजरात से आए श्रद्धालु शामिल हैं। कुछ घायलों को उपचार के लिए चरक अस्पताल भी ले जाया गया।
भीड़ के दबाव से भी बिगड़ी तबीयत
दूसरी घटना हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में हुई, जहां लगातार बढ़ती भीड़ के कारण दबाव की स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालुओं को घबराहट और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई। परिजनों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई। सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित कर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया। कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई, लेकिन बाद में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू है और पुलिस-प्रशासन की टीमें लगातार भीड़ की निगरानी कर रही हैं।





