छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: 1 अप्रैल से शुरू होगा नया शिक्षण सत्र, 5000 शिक्षकों की होगी भर्ती

० युक्तियुक्तकरण से 453 स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर, CBT के जरिए होगी संविदा शिक्षकों की भर्ती
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर विभाग ने कई बड़े बदलावों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
453 स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर
विभाग के अनुसार, युक्तियुक्तकरण के जरिए प्रदेश के 453 विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों के एकीकरण के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया गया है। विभाग का कहना है कि इस प्रक्रिया में स्कूलों की संख्या कम करने के बजाय उनका समायोजन किया गया है।
5000 शिक्षकों की भर्ती
शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षक संवर्गों की पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है। साथ ही स्पेशल एजुकेटर के पदों पर भी भर्ती की गई है। प्रदेश में 5000 शिक्षकों की भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।
नियमित पदों पर भर्ती कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होगी, जबकि संविदा पदों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की जाएगी। भर्ती में मेरिट को आधार बनाया जाएगा।
1 अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए एक समान शैक्षणिक समय-सारिणी तैयार की जाएगी और नया शिक्षण सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा।
पहले प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र सामान्य तौर पर 15 जून से शुरू होता था। विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने और स्कूल संचालन में एकरूपता लाने में मदद मिलेगी।





