#प्रदेश

महंगाई पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, दीपक बैज बोले- शक्कर-तेल-प्याज के बढ़ते दामों में आम आदमी त्योहार कैसे मनाए?

Advertisement Carousel

 

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि शक्कर, खाद्य तेल, प्याज, दाल और अन्य जरूरी सामानों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में लोग त्योहार कैसे मनाएंगे।

‘एक पखवाड़े में शक्कर 40 से 50 फीसदी महंगी’

दीपक बैज ने दावा किया कि पिछले करीब 15 दिनों में शक्कर की कीमतों में 40 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं खाद्य तेल के दाम दोगुने होने और प्याज के करीब 50 रुपये किलो तक पहुंचने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे आम गृहिणी का रसोई बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

उन्होंने कहा कि दालों की कीमतें भी बढ़ी हैं। लहसुन करीब 400 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि आलू, प्याज, टमाटर और दूसरी सब्जियों के दाम भी आम लोगों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।

बेरोजगारी और महंगाई ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ बेरोजगारी बढ़ रही है और लोगों की आय में कमी हो रही है, वहीं दूसरी ओर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लगातार महंगा होता जा रहा है। इससे आम परिवारों पर दोहरी मार पड़ रही है।

उन्होंने महंगाई के लिए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मोदी सरकार के अच्छे दिनों के वादे के विपरीत आम जनता महंगाई से परेशान है।

पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर भी सवाल

दीपक बैज ने पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ईंधन और रसोई गैस की बढ़ी कीमतों का असर सीधे आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि दूध, दही, पनीर, आटा, मैदा, सूजी, दलहन-तिलहन और कपड़ों समेत रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। दवाओं और अस्पतालों में इलाज महंगा होने का भी उन्होंने आरोप लगाया।

‘जनता की जेब पर पड़ रही महंगाई की मार’

बैज ने डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का हवाला देते हुए भी केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बेलगाम हो गई है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय जरूरी खाद्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी से आम परिवारों के लिए त्योहार मनाना भी मुश्किल होता जा रहा है।