CG News: महिला नक्सलियों का रैंप वॉक देख PM मोदी को CM साय ने भेजी जानकारी, ‘कौशल फैब’ का प्रोडक्ट कैटलॉग भी भेजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सलियों के रैंप वॉक और राज्य के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कौशल फैब’ की पहल अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंची है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम और राज्य में किए गए इस नवाचार की जानकारी दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘कौशल फैब प्रोडक्ट कैटलॉग-2026’ की एक प्रति भी प्रधानमंत्री को भेजी है।
आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने किया रैंप वॉक
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर 7 अगस्त को रायपुर में विशेष फैशन शो का आयोजन किया गया था। इसमें सुकमा जिले की आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने रैंप वॉक किया। बस्तर क्षेत्र की प्रोफेशनल मॉडल्स और शोस्टॉपर के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और हाथकरघा उत्पादों को प्रस्तुत किया।इस पहल के जरिए आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा से जुड़ी महिलाओं के आत्मविश्वास और नए अवसरों को भी मंच मिला।
‘कौशल फैब’ को मिला नया प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और हाथकरघा कला को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए ‘कौशल फैब’ ब्रांड की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों के उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए व्यापक बाजार तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर ‘कौशल फैब प्रोडक्ट कैटलॉग-2026’ भी लॉन्च किया गया, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के विशिष्ट हाथकरघा उत्पादों को शामिल किया गया है।
‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा कदम
CM साय ने पत्र में कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पहल प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की पारंपरिक बुनाई विरासत को संरक्षित करते हुए उसे समकालीन बाजार की जरूरतों से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के बुनकरों एवं शिल्पकारों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करने की बात कही।
PM को भेजा ‘कौशल फैब’ कैटलॉग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र के साथ ‘कौशल फैब प्रोडक्ट कैटलॉग-2026’ की एक प्रति भी भेजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के नवाचार छत्तीसगढ़ की समृद्ध हाथकरघा विरासत को नई पहचान देने के साथ प्रदेश के बुनकरों और शिल्पकारों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।





