Asian Games 2026: भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता ऐतिहासिक गोल्ड

नई दिल्ली। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोद और कीर्ति शर्मा की तिकड़ी ने फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। इस जीत के साथ तीरंदाजी में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई है, जबकि एशियन गेम्स 2026 में यह देश का 11वां स्वर्ण पदक है।
पहली बार महिला रिकर्व टीम के सिर सजा स्वर्ण
भारतीय महिला रिकर्व टीम लंबे समय से एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक का इंतजार कर रही थी। 2010 ग्वांगझू और 2022 हांगझोउ एशियाड में टीम को कांस्य पदक मिला था। इस बार अंकिता, कुमकुम और कीर्ति ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास बदल दिया।
महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया का लंबे समय से दबदबा रहा है। भारत की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पहली बार इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
शुरुआती दो सेट में बराबरी
फाइनल मुकाबले में कुल चार सेट खेले गए। प्रत्येक सेट में छह तीर चलाए गए और हर सेट जीतने वाली टीम को दो अंक मिले। स्कोर बराबर रहने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक दिया गया।
पहले सेट में भारत और दक्षिण कोरिया का स्कोर बराबर रहा, जिससे दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला। दूसरे सेट में भी मुकाबला बराबरी पर रहा। दो सेट के बाद स्कोर 2-2 था।
तीसरे सेट में भारत ने बनाई बढ़त
तीसरे सेट में भारतीय तिकड़ी ने दबाव के बीच शानदार निशाने लगाए। भारत ने यह सेट अपने नाम कर दो अंक हासिल किए, जबकि दक्षिण कोरिया को कोई अंक नहीं मिला। इसके साथ ही भारत ने 4-2 की बढ़त बना ली।
अब भारतीय टीम को स्वर्ण पदक पक्का करने के लिए निर्णायक चौथे सेट में जीत या बराबरी की जरूरत थी। टीम ने दबाव में संयम बनाए रखा और मुकाबला अपने नाम करते हुए इतिहास रच दिया।
एशियन गेम्स में महिला रिकर्व का बदला इतिहास
महिला टीम रिकर्व में भारत ने 2010 ग्वांगझू और 2022 हांगझोउ में कांस्य पदक जीता था। दोनों ही मौकों पर स्वर्ण दक्षिण कोरिया के नाम रहा। 2026 आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत ने पहली बार इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में नया अध्याय जोड़ दिया।




