रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र अब जनवरी 2023 में आहूत किया जाएगा। एक और दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के कारण शीतकालीन सत्र की तारीख आगे बढ़ाई गई है। आमतौर पर विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बुलाया जाता रहा है। विशेष सत्र में प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और अन्य चर्चा न होने की वजह से शीतकालीन सत्र दो से चार जनवरी तक ( तीन दिन ) बुलाने का निर्णय लिया गया है। विशेष सत्र के पहले दिन आज कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें कल सदन में पेश होने वाले विषयों और आगे का कार्यक्रम तय किया गया।
विशेष सत्र में भूपेश बघेल की सरकार कल दो दिसंबर को आदिवासी आरक्षण संशोधन और कालेजों में प्रवेश नियम संशोधन विधेयक पेश करेगी। सबकी नजर आदिवासी आरक्षण संशोधन विधेयक पर है। राज्य में आदिवासियों के लिए आरक्षण 32 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीति गरमाई हुई है। आदिवासी समाज आरक्षण कम किये जाने से नाराज है और विरोध प्रदर्शन भी कर रहा है। आरक्षण में कमी और आदिवासी समाज में नाराजगी के बीच ट्राइबल सीट भानुप्रतापपुर में पांच दिसंबर को मतदान है। कांग्रेस की सरकार आदिवासियों को साधने के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक पेश करने और उस पर चर्चा के लिए विधानसभा का दो दिन का विशेष सत्र बुलाया है। आरक्षण संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार आदिवासियों के साथ ओबीसी, एससी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को साधने के लिए राज्य में आरक्षण की सीमा 76 फीसदी करने जा रही है।
विशेष सत्र के दूसरे दिन कल सरकार एक शासकीय संकल्प भी लाएगी और अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। विशेष सत्र के पहले दिन आज सदन में विधानसभा उपाध्यक्ष और भानुप्रतापपुर के विधायक स्व. मनोज मंडावी और पूर्व विधायक दीपक पटेल को श्रद्धांजलि देने का बाद कल तक के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
