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मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: पीएम मोदी ने अनिमेष कुजूर और मल्हार की विरासत का किया उल्लेख, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर विशेष पहचान मिली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे प्रदेश के लिए गर्व, सम्मान और प्रेरणा का क्षण बताते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्वीकृति मिलने का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने रविवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की प्रतिभा और धरोहर का उल्लेख करता है, तो यह केवल व्यक्तियों का नहीं बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों के सपनों, परिश्रम और पहचान का सम्मान होता है।

जशपुर के बेटे अनिमेष कुजूर की उपलब्धि बनी प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में जशपुर जिले के युवा धावक अनिमेष कुजूर की ऐतिहासिक उपलब्धि का उल्लेख किया। अनिमेष ने 100 मीटर दौड़ महज 10.15 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले अनिमेष की सफलता यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से भरपूर है। उन्होंने कहा कि कोविड काल में खेलों के प्रति रुचि विकसित करने वाले अनिमेष ने कठिन परिस्थितियों को चुनौती बनाकर सफलता हासिल की, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

खेल भावना और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह के साथ संवाद करते हुए खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा का उद्देश्य केवल आगे निकलना नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाना भी होना चाहिए। प्रदेश सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

मल्हार की ऐतिहासिक धरोहर को मिली राष्ट्रीय पहचान

मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक नगर मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के तहत मिली दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल की ऐतिहासिक विरासत हैं, जो उस दौर की संस्कृति, प्रशासन और सामाजिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं।

उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रमाण है। राज्य सरकार ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है।

नया भारत: प्रतिभा और विरासत दोनों का सम्मान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का मन की बात कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत—सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है, तो दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली इतिहास की कहानी दुनिया तक पहुंचा रही है।

कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे।