जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं। इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह बात राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कही।
मुख्यमंत्री साय से भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक और ईशांत जायसवाल ने सौजन्य भेंट कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। तीनों अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें। उन्होंने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन में मिली सफलताओं और राज्य के विकास की यात्रा की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से भरा प्रदेश है और यहां के लोग सरल, सहज तथा मेहनती हैं।
प्रशिक्षु अधिकारियों गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक और ईशांत जायसवाल ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर सहित सरगुजा, जशपुर और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। उन्होंने स्थानीय संस्कृति, जनजीवन और विकास कार्यों का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए। अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक विविधता, आत्मीयता और विकास की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश बताया।
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह भी उपस्थित रहे।





