कुपोषण और एनीमिया पर सख्त हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, रोज 5 आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश

० सूरजपुर समीक्षा बैठक में बाल विवाह रोकने, पोषण वाटिका विकसित करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर
रायपुर/सूरजपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जमीनी स्तर पर तंत्र को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण, स्वच्छ वातावरण और सभी आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
बैठक में मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की अधोसंरचना, रिक्त पदों, भवन निर्माण, मरम्मत कार्य, पोषण आहार वितरण और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जर्जर भवनों की मरम्मत और निर्माणाधीन केंद्रों के कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
हर आंगनबाड़ी में बने पोषण वाटिका, लगाएं मुनगा के पौधे
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा (सहजन) के पौधे और पोषण वाटिका विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि मुनगा और हरी सब्जियां कुपोषण दूर करने में बेहद प्रभावी हैं। साथ ही केंद्रों में स्वच्छता, बच्चों की नियमित उपस्थिति और पोषण ट्रैकर में समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बाल विवाह रोकने के लिए बनाएं मजबूत रणनीति
बैठक में बाल विवाह की स्थिति पर चिंता जताते हुए मंत्री ने सरपंचों और सचिवों को प्रशिक्षित कर बाल विवाह की शुरुआती सूचना मिलते ही कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
‘आंगनबाड़ी के बच्चों को अपने बच्चों जैसा स्नेह दें’
मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त सूरजपुर और स्वस्थ समाज की नींव बनेगा।
समाज कल्याण योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना, दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग छात्रवृत्ति, विवाह प्रोत्साहन योजना और सहायक उपकरण वितरण जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।





