उत्तराखंड में भारी बारिश का असर: यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे कई जगह बंद, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह

उत्तरकाशी। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के चलते यमुनोत्री और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से बाधित हो गए हैं। सड़कें खोलने का काम जारी है, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार को कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
लगातार बारिश के कारण यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, बनास और बाड़िया समेत कई स्थानों पर मलबा और बड़े पत्थर (बोल्डर) आने से अवरुद्ध हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की टीम युद्धस्तर पर सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हुई है।
वहीं, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी हेल्गूगाड़ के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करने की अपील की है।
आज भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार (3 अगस्त) को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक 8 अगस्त तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में गिरावट
रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मैदानी इलाकों में अपेक्षाकृत शुष्क मौसम के कारण गर्मी और उमस बनी रही।
राजधानी देहरादून में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम पांच बजे तक 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का रुख लगभग इसी तरह बना रहा।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लेने की सलाह दी है।





