विकास के बाद भी जारी है आदिवासी महिलाओं का संघर्ष
० छत्तीसगढ़ समाजशास्त्रीय एसोसिएशन के प्रथम वार्षिक सम्मेलन में जुटे ० देशभर के विद्वान, विषय विशेषज्ञ और शोधार्थी रायपुर। वैश्विक परिदृश्य में आदिवासी महिलाओं की स्थिति पर मंथन करना आज के दौर में बेहद आवश्यक और प्रासंगिक विषय है। इसमें कोई दो मत नहीं है कि स्वतंत्रता के 75 वर्ष बाद हम देखें तो आदिवासी महिलाओं का विकास हुआ है लेकिन उनका संघर्ष पूरी तरह खत्म नहीं हुआ, अभी भी जारी है। आदिवासी महिलाओं पर यदि अध्ययन किया जाता है तो वह पूरी ईमानदारी के साथ फील्ड पर जाकर किया जाना चाहिए जिससे वास्तविक रूप से वस्तुस्थिति का पता लगाया जा सके और सरकार बेहतर नीति बना सके। यह तमाम […]



