कही-सुनी (13 JULY-25) : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल की सक्रियता के मायने

रवि भोई की कलम से आमतौर पर राज्यों के राज्यपाल को राजभवन की चौहद्दी में सक्रिय देखा जाता है और जब केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार हो तो राज्यपाल की भूमिका सीमित हो जाती है। छत्तीसगढ़ भाजपा शासित राज्य है और केंद्र में भी भाजपा की सरकार है, ऐसे में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका का राजभवन से निकलकर जिलों और ब्लाकों में पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। राज्यपाल डेका पिछले दिनों महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लाक में पहुंचकर लोगों से चर्चा की। कहते हैं राज्यपाल एक जगह दौरे में शिक्षक की भूमिका में भी नजर आए। राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय जाकर […]

कही-सुनी (29 JUNE-25) : कौन होगा छत्तीसगढ़ का अगला मुख्य सचिव

रवि भोई की कलम से छत्तीसगढ़ के नए मुख्य सचिव सुब्रत साहू होंगे या अमित अग्रवाल, या फिर मनोज पिंगुआ के सिर सेहरा बंधेगा ? यह सस्पेंस बना हुआ है। छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 जून को रिटायर हो जाएंगे। श्री जैन की विदाई और नए मुख्य सचिव के परिचय /स्वागत के लिए 30 जून को पूर्वान्ह 11 बजे साय कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। इससे साफ़ हो गया कि राज्य को 30 जून को नया चीफ सेक्रेटरी मिल जाएगा। मध्यप्रदेश, राजस्थान और ओडिशा के अनुभव के आधार पर लग रहा है चीफ सेक्रेटरी के बारे में निर्णय दिल्ली से होगा। तीनों दावेदारों में सुब्रत साहू […]

कही-सुनी (22 JUNE-25) : क्या धामी की तरह साय उठाएंगे कदम

रवि भोई की कलम से छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना,अरपा-भैंसाझार परियोजना और अन्य जमीन घोटालों में अब तक एसडीएम, तहसीलदार या नीचे के कर्मचारियों पर ही गाज गिरी है। कलेक्टर या किसी बड़े आईएएस अफसर का बाल बांका नहीं हुआ है। वहीं उत्तराखंड में पुष्करसिंह धामी की सरकार ने हरिद्वार जमीन घोटाले के मामले में दो आईएएस, एक राज्य सेवा के अधिकारी समेत 12 लोगों को झटके से सस्पेंड कर दिया। इस कारण अब चर्चा होने लगी है कि क्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी की तरह कदम उठाएंगे? छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुछ समानताएं भी हैं। दोनों राज्य एक साथ बने हैं और दोनों […]

कही-सुनी (01JUNE-25) : छत्तीसगढ़ में सरकार और संगठन का काम अटका

रवि भोई की कलम से कहते हैं भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पा रहा है और न ही प्रदेश संगठन में नई नियुक्ति हो पा रही है। प्रदेश भाजपा की पुरानी कार्यकारिणी ही अभी अस्तित्व में हैं। दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद किरण देव अपनी कार्यकारिणी नहीं बना पाए हैं। पुरानी कार्यकारिणी में महामंत्री संजय श्रीवास्तव राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष बन गए हैं तो जगदीश रामू रोहरा प्रदेश भाजपा महामंत्री (मुख्यालय) के साथ धमतरी के महापौर भी हैं। कहते हैं प्रदेश भाजपा का कई काम जगदीश रामू रोहरा के स्केन किए हुए हस्ताक्षर से […]

कही-सुनी (25 MAY-25) : फ्लाईओवर के जमाने में स्काईवाक

रवि भोई की कलम से लोग कह रहे हैं छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्काईवाक की जरुरत क्या है? अब तो जमाना फ्लाईओवर और मेट्रो रेल का है। शहर ही नहीं, गांवों में पैदल चलने वालों की संख्या बची नहीं। अब तो लोग घर से किराना स्टोर तक टू व्हीलर से जाते हैं और गांवों में लोग एक जगह से दूसरे जगह तक जाने के लिए बाइक का इस्तेमाल करते हैं। कई किलोमीटर स्काईवाक की जगह रोड़ क्रासिंग के लिए स्काईवाक होता तो शायद उसका इस्तेमाल ज्यादा होता। राजधानी में स्काईवाक बनाने का फैसला डॉ रमनसिंह की सरकार ने किया था। रमनसिंह की सरकार में स्काईवाक का स्ट्रक्चर काफी कुछ […]

कही-सुनी (18 MAY-25) : छत्तीसगढ़ के माथे से मिटता दाग

  रवि भोई की कलम से नक्सल समस्या के कारण छत्तीसगढ़ का विकास तो प्रभावित हो ही रहा था। इस समस्या के कारण देश में छत्तीसगढ़ की पहचान समस्याग्रस्त राज्य की बन गई थी। आए दिन नक्सलियों के उत्पात के कारण लोग छत्तीसगढ़ आने में भी भय खाते थे। पिछले डेढ़ साल में नक्सलियों के सफाए के लिए जिस तरह अभियान चला और सफलता मिली यह काबिले तारीफ़ है। नक्सलियों के खात्मे में सफलता राज्य की विष्णुदेव साय सरकार की बड़ी उपलब्धि है। पिछले दिनों छत्तीसगढ़ और तेलंगाना सीमा पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में सुरक्षा बलों ने जिस तरह नक्सलियों के पनागाह को नेस्तनाबूत किया, उससे तो राज्य में नक्सलियों […]

कही-सुनी (04 MAY-25) : भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति तक लटका मंत्रिमंडल का विस्तार

रवि भोई की कलम से कहते हैं कि विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल का विस्तार अब भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति तक लटक गया है। कायदे से भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति अप्रैल में हो जानी चाहिए थी, पर कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव न होने से मामला पेंडिग हो गया। इस बीच पहलगाम की घटना हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य नेता फिलहाल आतंकवाद के सफाए में जुटे हैं। इस कारण राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला पेंडिग में चला गया है। कहा जा रहा है कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक साय मंत्रिमंडल […]

कही-सुनी (27 APRIL-25) : क्या भारतमाला घोटाला सीबीआई के सुपुर्द होगा ?

  रवि भोई की कलम से राज्य की जाँच एजेंसी ईओडब्ल्यू ने पिछले दिनों भारतमाला घोटाले में शामिल लोगों के यहां छापा मार कर उन्हें बेनकाब करने का सराहनीय काम किया, फिर भी इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग रह-रहकर उठ रही है। नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत अब भी मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं। डॉ महंत ने विधानसभा में भी भारतमाला घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की आवाज उठाई थी। बताते हैं एक तो भारतमाला परियोजना में भारत सरकार का पैसा लगा है, दूसरा यह 40-50 करोड़ रूपए का घोटाला नहीं है, बल्कि 300 से 400 करोड़ रूपए का […]

कही-सुनी (20 APRIL-25) : सुकमा से उठा बवंडर क्या गुल खिलाएगा ?

रवि भोई की कलम से नक्सल प्रभावित जिला सुकमा में तेंदूपत्ता संग्राहकों का बोनस अफसरों द्वारा हजम करने के मामले में ईओडब्ल्यू ने पिछले दिनों डीएफओ अशोक पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सरकार ने पहले ही अशोक पटेल को सस्पेंड कर दिया था। अशोक पटेल 2015 बैच के प्रमोटी आईएफएस हैं। संग्राहकों के बोनस में हेरफेर का मामला है तो 2021-2022 का, पर उजागर हुआ 2024 में। पूरे मामले को उठाया पूर्व विधायक और कम्युनिष्ट नेता मनीष कुंजाम ने। मनीष कुंजाम ने कई सवाल उठाए हैं और एक वरिष्ठ आईएफएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनीष कुंजाम के कहे अनुसार वरिष्ठ आईएफएस राजनीतिक काम करने के अभियान […]

कही-सुनी (13 APRIL-25) : साय मंत्रिमंडल विस्तार में फंस गया पेंच

  रवि भोई की कलम से एक बार फिर विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में विस्तार का मसला उलझ गया। कहते हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर हल्का होना चाहते हैं, पर बड़े नेताओं के फार्मूले में मामला सुलझ ही नहीं पा रहा है। इस बार तो मुख्यमंत्री ने मंत्रिमडल के विस्तार के संकेत दे दिए थे, फिर भी नए लोगों की इंट्री नहीं हो पाई। माना जा रहा है साय कैबिनेट में तीन विधायकों की इंट्री होनी है, किसी मंत्री की छुट्टी नहीं होगी। अलबत्ता डिपार्टमेंट उलट-पुलट होंगे। बताते हैं सबसे ज्यादा दिक्कत रायपुर शहर के विधायकों को लेकर है। रायपुर से राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा और […]