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झारखण्ड में टोनही के संदेह पर दो महिलाओं को प्रताड़ना

अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कोई महिला डायन या टोनही नहीं होती

रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा है कि झारखंड के गुमला जिले में नए वर्ष में एक महिला को डायन सन्देह में परिवार सहित प्रताड़ित कर पत्थरों से हमला किया गया। महिला के बेटों को खम्भे से बाँध कर पीटा गया,जिसमें से एक बेटे आँख खराब हो गई। .ऐसी जिले में पालकोट पब्लॉक के टेंगरिया गांव में भी एक महिला पर डायन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने उसके घर को घेर कर पथराव किया। डॉ मिश्र ने दोनों घटनाओं में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

डॉ .दिनेश मिश्र ने बताया झारखंड के जिले गुमला सिसई थाना क्षेत्र के लकेया गांव में डायन के आरोप में महिला के बेटे अजय उरांव की आंख फोड़ दी गई है। महिला के दोनों बेटों को जान से मारने की कोशिश की गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित की बहन थाने पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों भाईयों को मुक्त कराया।

महिला के बेटे संजय उरांव ने बताया कि पूर्व में भी डायन बिसाही का आरोप लगाकर परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई। इस घटना में बचाने पहुंचे परिजनों पर भी ग्रामीणों ने पत्थर बरसाए। महिला के एक बेटे संजय उरांव के अनुसार गाँव की मुखिया सुगिया देवी ने उसकी मां को डायन प्रचारित कर रखा है। अक्सर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है,

गुमला जिले ही पालकोट प्रखंड के टेंगरिया गांव में उन्मादी भीड़ एक महिला के घर में घुस गई। डायन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने महिला को घेर लिया। महिला पर पथराव करना शुरू कर दिया। कुछ लोग धारदार हथियार लेकर पहुंचे थे। अपनी जान बचाकर महिला किसी तरह भाग निकली। परिवार के दूसरे सदस्यों ने भी भाग कर जान बचाई। .जानकारी के अनुसार पालकोट के टंगरिया के काष्टु नायक के घर रिश्तेदारी में आई एक बच्ची बीमार हो गई। बच्ची का इलाज कराने की बजाए ओझा को दिखाया गया । ओझा ने उन्हें बताया कि गांव में रहने वाली महिला ने बच्ची पर टोना-टोटका किया है। इससे नाराज काष्टु नायक गांव के लोगों के साथ महिला के घर पहुंच गया। उसे घर से बाहर बुलाने लगे। कुछ लोग घर में घुस गए। महिला और उसके घर पर पथराव शुरू कर दिया।

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि टोना का कोई अस्तित्व नहीं है,इसलिए जादू -टोने से किसी भी व्यक्ति को बीमार करने,नुकसान पहुंचाने की धारणा मिथ्या है ,इस अंधविश्वास के कारण किसी भी महिला को प्रताड़ित करना अनुचित, गैरकानूनी है। कोई महिलाडायन/ टोनही नहीं होती।

 

 

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