रायपुर में बढ़ते जल संकट पर MIC की बड़ी बैठक, पुरानी निगम बिल्डिंग के पुनर्विकास को मिली रफ्तार

रायपुर। रायपुर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) बैठक में शहर के विकास, पेयजल संकट, निर्माण कार्यों और जनसुविधाओं से जुड़े 18 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा कर बड़े फैसले लिए गए।
बैठक के बाद महापौर मीनल चौबे ने बताया कि जर्जर हो चुकी पुरानी नगर निगम बिल्डिंग के पुनर्विकास की दिशा में अब गंभीरता से काम शुरू किया जाएगा।
PPP मॉडल पर बनेगी नई निगम बिल्डिंग
महापौर ने बताया कि पुरानी निगम भवन की हालत काफी खराब हो चुकी है। इसलिए अब उस जगह का बेहतर उपयोग करते हुए कमर्शियल और आधुनिक मॉडल पर विकास की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि परियोजना को PPP मॉडल के तहत विकसित करने की योजना है और अंतिम निर्णय जनप्रतिनिधियों व आम जनता से चर्चा के बाद लिया जाएगा।
नवीन मार्केट क्षेत्र के विकास पर भी फोकस
बैठक में नवीन मार्केट क्षेत्र के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि महापौर ने माना कि वहां कुछ तकनीकी चुनौतियां हैं, जिन पर विचार-विमर्श जारी है।इसके अलावा प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों के लिए संकल्प सोसायटी के माध्यम से करीब 10 लाख रुपये की स्वीकृति भी दी गई।
गार्बेज डिपो परियोजना पर हुई चर्चा
आमानाका क्षेत्र में प्रस्तावित गार्बेज डिपो परियोजना को लेकर भी MIC बैठक में चर्चा हुई।महापौर मीनल चौबे ने बताया कि इस परियोजना के लिए पहले ही एमओयू किया जा चुका है, जिसकी अवधि 31 अक्टूबर 2026 तक है। अब नियमानुसार आगे की अनुमति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शहीद आकाश राव गिरपुंजे की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव
बैठक में महादेव घाट के जीर्णोद्धार प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।साथ ही शहीद आकाश राव गिरपुंजे की प्रतिमा लाखे नगर चौक में स्थापित करने का प्रस्ताव भी सामने आया।
“जल संकट अब गंभीर चुनौती बन चुका है”
शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट पर महापौर ने चिंता जताते हुए कहा कि भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और यह केवल कुछ दिनों की समस्या नहीं है।उन्होंने कहा कि नगर निगम लगातार समीक्षा बैठकें कर रहा है और व्यवहारिक समाधान लागू करने की दिशा में काम जारी है।





