रायपुर में सफाई व्यवस्था पर संकट: भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों की हड़ताल, 70 वार्डों में सफाई कार्य ठप

रायपुर। राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं मिलने से नाराज सफाई ठेकेदार बुधवार सुबह से हड़ताल पर चले गए हैं। ठेकेदारों के काम बंद करने के बाद नगर निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्डों में सफाई कार्य ठप हो गया है, जिससे शहर में गंदगी बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
चार महीने से अटका करोड़ों का भुगतान
हड़ताल पर बैठे ठेकेदारों का कहना है कि नगर निगम की ओर से पिछले चार महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। उनके अनुसार, सभी वार्डों का मासिक भुगतान करीब 4 करोड़ रुपये होता है, लेकिन लगातार भुगतान अटकने से ठेकेदारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है।
ठेकेदारों ने बताया कि उन्हें सफाई कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च भी वहन करना पड़ता है। कई बार मांग उठाने और आश्वासन मिलने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ, जिसके चलते आखिरकार काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।
ज्ञापन के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
ठेकेदारों के मुताबिक, पिछले सप्ताह नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बकाया राशि जारी करने की मांग की गई थी। इसके अलावा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को भी ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शहर में बढ़ सकती है गंदगी की समस्या
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही रामकी कंपनी के सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी मांगों को लेकर काम बंद कर दिया था। ऐसे में अब सफाई ठेकेदारों की हड़ताल ने नगर निगम की व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो राजधानी के विभिन्न इलाकों में कचरे का ढेर लगने और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराने की आशंका है।
भुगतान तक जारी रहेगी हड़ताल
ठेकेदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनका बकाया भुगतान जारी नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। अब सभी की निगाहें नगर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।





