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इमरान खान पर देशद्रोह का केस चलाने की तैयारी, पार्टी के नेताओं की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. पाकिस्तान की शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) सरकार पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और गिलगित-बाल्टिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ राजद्रोह का मामला (Sedition Case) शुरू करने पर विचार कर रही है. सरकार पिछले महीने यहां एक विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘फेडरेशन’ पर हमले की साजिश रचने के लिए इमरान खान के खिलाफ राजद्रोह का मामला चलाये जाने पर विचार कर रही है.

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह खान (Interior Minister Rana Sana Ullah Khan) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की विशेष समिति की एक बैठक में गुरुवार को इमरान खान और अन्य के खिलाफ उनके “आजादी मार्च” के बाद राजद्रोह का अभियोग चलाने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया गया. उनके “आजादी मार्च” के बाद राजधानी इस्लामाबाद में कई स्थानों पर हिंसा और तोड़फोड़ हुई थी.

इमरान खान की बढ़ सकती है मुश्किलें?

सरकार पर समयपूर्व चुनाव के लिये दबाव बनाने के उद्देश्य से 25 मार्च को यह मार्च निकाला गया था. यह हालांकि अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं रहा लेकिन इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर झड़प हुई. सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के लिए सरकार इमरान खान और अन्य के खिलाफ उचित कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रही है. सरकार द्वारा संचालित ‘एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान’ (APP) की एक खबर के अनुसार समिति को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के मार्च और ‘फेडरेशन’ पर ‘‘हमला’’ करने की साजिश के बारे में जानकारी दी गई.

कैबिनेट कमेटी ने PTI अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) नियाज़ी और खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान के मुख्यमंत्रियों महमूद खान और खालिद खुर्शीद के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 124 ए के तहत राजद्रोह का मामला (Sedition Case) दर्ज करने पर विचार किया. बाद में कैबिनेट को अंतिम सिफारिशें करने के लिए आगे के परामर्श के लिए बैठक को सोमवार 6 जून तक के लिए स्थगित कर दिया गया. आंतरिक मंत्री ने समिति से सबूतों के मद्देनजर इमरान खान के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की सिफारिश करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि राजधानी को बंधक बनाने के लिए साजिश रची गई थी और खान ने सरकार के खिलाफ अपने नफरत भरे भाषणों के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को उकसाया था.

 

 

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