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CM साय का बड़ा ऐलान: कंवर समाज के भवनों के लिए 1.55 करोड़ की सौगात, रायपुर को मिले 70 लाख

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में कंवर समाज के भवन निर्माण के लिए कुल 1 करोड़ 55 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंवर समाज पूरे देश में तेजी से संगठित हो रहा है। समाज की एकजुटता को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है और सरकार समाज के विकास के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ

समारोह में प्रदेश अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी, कार्यकारी अध्यक्ष थान सिंह दीवान, महासचिव शिवकुमार कंवर, कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह कंवर समेत अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ली।

मुख्यमंत्री साय ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें समाज के बीच आकर खुशी हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम समाज को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का काम करेगी।

इन जगहों पर भवन के लिए मिली राशि

मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के भवन निर्माण के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की—

रायपुर: 70 लाख रुपये
राजनांदगांव: 25 लाख रुपये
झलफ-खल्लारी: 20 लाख रुपये
टीमोरा: 10 लाख रुपये
खैरझीटी: 10 लाख रुपये
नरकोरा, महासमुंद: 10 लाख रुपये
गरियाबंद: 10 लाख रुपये

इन घोषणाओं से समाज के लिए सामुदायिक भवन और सामाजिक गतिविधियों के लिए बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

‘समाज को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना है’

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नंद कुमार साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उन्नति के लिए समाज को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए समाज को मिलकर काम करना होगा।

‘पहले कहता था समाज से मुख्यमंत्री होना चाहिए’

नंद कुमार साय ने कहा कि वह पहले खुद कहा करते थे कि कंवर समाज से भी प्रदेश का मुख्यमंत्री होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज विष्णु देव साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद समाज की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 42 जनजातियां हैं और सरकार सभी जनजातीय समाजों की उन्नति, शिक्षा और विकास के लिए काम कर रही है। लेकिन समाज की भी जिम्मेदारी है कि वह सरकार के प्रयासों के साथ मिलकर अपने बच्चों और समुदाय को आगे बढ़ाए।