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कोविड से शरीर में हुए प्रतिकूल प्रभावों को दूर करने में फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री

० मुख्यमंत्री ’फिजियोकॉन 2023’ में हुए शामिल

० फिजियोथैरेपी की विशेषताओं को लोगों तक पहुंचाने की जरूरत : उपमुख्यमंत्री श्री सिंहदेव

रायपुर।कोरोना महामारी के कठिन दौर के बाद लोगों के शरीर में जो प्रतिकूल प्रभाव हुए, उसे दूर करने में फिजियोथैरेपिस्ट ने बड़ी भूमिका निभाई। इस दौरान हम सबने इसके महत्व के बारे में जाना। शारीरिक दर्द, लकवा की बीमारी तथा न्यूरो सहित कई मामलों में आज फिजियोथैरेपी बड़ी मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा सभागार में आयोजित पहले ’फिजियोकॉन 2023’ को सम्बोधित कर रहे थे। द इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट के तत्वाधान में आयोजित इस कर्यक्रम में प्रदेश भर से आए फिजियोथेरेपिस्ट और विषय विशेषज्ञों के मध्य सार्थक परिचर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल तथा उपमुख्यमंत्री  . एस. सिंहदेव को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि समय के साथ बढ़ती भौतिक सुख-सुविधाओं और परिवहन के साधनों के कारण मानव की शरीरिक गतिविधियां कम हुई हैं। जिससे शरीर में दिक्कतें बढ़ी है। हमें समझना होगा कि हमारा शरीर केवल आराम करने के लिए नहीं बल्कि मेहनत के लिए भी बना है। उन्होंने कहा कि आज खेल के क्षेत्र में फिजियोथेरेपी का महत्व बढ़ गया है। खिलाड़ियों के खेल कौशल को बढ़ाने में भी यह बड़ी मदद करता है।
श्री बघेल ने कहा कि आपने अस्पताल में देखा होगा यदि किसी को फ्रैक्चर हुआ है या दर्द की समस्या है तो उसे फिजियोथैरेपी की सलाह दी जाती है। एक बात जो ध्यान रखना है कि फिजियोथैरेपी भी प्रशिक्षित फिजियोथैरेपिस्ट के देखरेख में ही करना चाहिए।

नियमित व्यायाम और योग से भी शरीर स्वस्थ रहता है, इसका मतलब ही है कि आपके शरीर में मूवमेंट होना चाहिये और फिजियोथैरेपी ऐसी ही विधा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान जो जीवन शैली है उसमें शरीरिक गतिविधि कम और मानसिक ऊर्जा का अधिक उपयोग हो रहा है, जिसने फिजियोथैरेपिस्ट का महत्व बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 05 सालों में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तेजी से हुआ है राज्य शासन की योजनाओं और प्रतिबद्धता से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की गई है। मुख्यमंत्री ने कोरोना के कठिन दौर के बाद फिजियोथेरेपिस्ट की भूमिका की सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन के आग्रह पर फिजियोथेरेपी कौंसिल के कार्यकारिणी गठन को जल्द पूर्ण करने की बात कही।

उप मुख्यमंत्री  टी. एस. सिंहदेव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में फिजियोथैरेपी का आम लोगों के जीवन के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी सर्वाधिक महत्व है। फिजियोथैरेपी खेल का अभिन्न हिस्सा बन गया है। आज स्पोर्ट्सपर्सन बेहतर परफॉर्मेंस देने के लिए फिजियो के बिना सफल नहीं हो पा रहे हैं और इससे परफॉर्मेंस को एन्हांस कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रहे  अजीत जोगी के दुर्घटना उपरांत स्वास्थ्य सुधार को लेकर फिजियोथेरेपी के योगदान को भी बताया और फिजियो से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किये। उप मुख्यमंत्री श्री सिंहदेव ने फिजियोथैरेपी की विशेषताओं और उसके महत्व को लोगों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम को इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरपिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजीव झा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरपिस्ट्स के छत्तीसगढ़ ब्रांच अध्यक्ष डॉ प्रशांत चक्रवर्ती, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. फैज़ान, डॉ. अली ईरानी, डॉ. जोजी जॉन, डॉ. रुचि वासनिक, डॉ. अविनाश कुशवाहा सहित प्रदेश भर से आए फिजियोथैरेपिस्ट सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

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