शराब घोटाला केस में एन. उदय राव को सुप्रीम कोर्ट से राहत, अंतरिम जमानत मंजूर

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एन. उदय राव को अंतरिम जमानत दे दी है। यह मामला CSMCL की शराब दुकानों में मैनपावर उपलब्ध कराने से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि राव के खिलाफ कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की।
34 करोड़ से ज्यादा के अतिरिक्त भुगतान का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ की शराब दुकानों में कर्मचारियों की तैनाती के लिए किए गए मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है। आरोप है कि ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर बढ़े हुए बिल प्रस्तुत किए गए।
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड को करीब 34.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें से करीब 6.90 करोड़ रुपये कथित अवैध कमीशन के तौर पर दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
राव ने कंपनी से संबंध और आरोपों को नकारा
एन. उदय राव की ओर से अदालत में इन आरोपों का खंडन किया गया। उनकी दलील है कि FIR में उनका नाम नहीं था और वे A-2-Z इंफ्रासर्विसेज लिमिटेड के न तो डायरेक्टर थे और न ही शेयरहोल्डर। उन्होंने कंपनी के कामकाज पर किसी स्वतंत्र प्रबंधकीय या वित्तीय नियंत्रण से भी इनकार किया है।
12 मई को हुई थी गिरफ्तारी
राव को 12 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन 6 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। 21 अगस्त 2026 की सुनवाई के बाद केस को 1 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया गया था।
राज्य ने कोर्ट को दी अहम जानकारी
गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य से राव के खिलाफ किसी प्रतिकूल रिपोर्ट के बारे में जानकारी मांगी। राज्य की ओर से बताया गया कि ऐसी कोई प्रतिकूल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
अदालत ने मामले की परिस्थितियों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद एन. उदय राव को अंतरिम जमानत दे दी। यह राहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय शर्तों के अधीन रहेगी।




