Mahanadi Water Dispute: अमित शाह की अध्यक्षता में अहम बैठक, CM विष्णुदेव साय बोले- दोनों राज्यों के हित में होगा फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने की दिशा में गुरुवार को अहम पहल हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों की बैठक हो रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल होंगे। जुलाई में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक हो चुकी है।
CWC के फैसले को मानने पर दोनों राज्यों की सहमति
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के व्यापक हित में महानदी विवाद का समाधान निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दोनों राज्यों ने केंद्रीय जल आयोग (CWC) को लिखित रूप से आश्वस्त किया है कि आयोग द्वारा लिया गया निर्णय दोनों सरकारों को मान्य होगा।
साय ने कहा कि संवाद, समन्वय और सहयोग की भावना से इस विवाद का सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
सिंगापुर में निवेशकों से मिलेंगे CM साय
महानदी विवाद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री साय का सिंगापुर दौरा प्रस्तावित है। वहां SING Forum-2026 के मंच से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, औद्योगिक क्षमता और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों, उद्यमियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर निवेश और कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सरकार का फोकस औद्योगिक विकास के साथ तकनीक, कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी है।
बस्तर की प्रतिभाओं को अवसर देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा, खेल, कौशल, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में उचित अवसर और मंच उपलब्ध कराया जाए।
सरकार का जोर बस्तर के युवाओं की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने और प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त 10 हजार रुपये
प्रदेश में हाल की भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त सहायता की घोषणा की है। शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त प्रभावित मकान क्षतिग्रस्त परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने संबंधित कलेक्टरों को बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करने तथा RBC 6-4 के तहत पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
17 जिलों में 22 हजार से अधिक लोग प्रभावित
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों की बारिश से प्रदेश के 17 जिलों के 550 से अधिक गांव और 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बताया था कि बस्तर और सुकमा समेत प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।




