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भारत के कई रईसों के पास प्राइवेट जेट; अडानी, जिंदल, पूनावाला प्राइवेट जेट का इस्तेमाल कर रहे

भारत के कई रईसों के पास प्राइवेट जेट हैं। वे घरेलू यात्राओं के लिए इनका इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन हाल के दिनों में अब एक नया ट्रेंड देखने को मिला है। भारत के रईस अब यूरोप और अमेरिका की लंबी यात्राओं के लिए भी प्राइवेट जेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के अमीरों की नेटवर्थ तेजी से बढ़ी है। साथ ही कोरोना काल के बाद लोग ट्रैवल के लिए पर्सनल मोड को पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय अमीरों के बीच प्राइवेट जेट का चलन बढ़ा है। हाल के दिनों में कई रईसों ने अपने लिए ऐसे एयरक्राफ्ट खरीदे हैं जो लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं। इनमें सन टीवी, अडानी ग्रुप और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का पूनावाला परिवार शामिल हैं।

मीडिया दिग्गज कलानिधि मारन की अगुवाई वाले सन टीवी ने इसी साल Bombardier Global 7500 एयरक्राफ्ट खरीदा है। 7.5 करोड़ डॉलर मूल्य के इस विमान की रेंज 7,700 नॉटिकल मील है। यानी यह भारत से अमेरिका तक जा सकता है। इसी तरह भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस गौतम अडानी के अडानी ग्रुप ने Bombardier Global 7500 विमान खरीदा है। पूनावाला परिवार ने पिछले साल यही विमान खरीदा था। 5.6 करोड़ डॉलर का यह विमान 6600 नॉटिकल मील तक उड़ान भर सकता है। यानी इससे आसानी से यूरोपीय देशों की यात्रा की जा सकती है।

आतीश मिश्रा ने कहा कि इंडियन बिजनेस का ग्लोबलाइजेशन हो रहा

एसआईआई के सीईओ अडार पूनावाला ने कहा कि यूके और यूरोप जाने में नौ से 10 घंटे लगते हैं। इसलिए हमने यह विमान खरीदा है। दूसरी कंपनियों के अधिकारियों ने इस बारे में सवालों का जवाब नहीं दिया या टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लॉन्ग रेंज के एयरक्राफ्ट खरीदने वाले कॉरपोरेट ग्रुप्स में नवीन जिंदल की अगुवाई वाला जिंदल ग्रुप और हीरो ग्रुप शामिल है। जिंदल ग्रुप ने GulfStream G650ER खरीदा है जिसकी रेंज 7,000 नॉटिकल मील है। हीरो ग्रुप ने Falcon 8X ने खरीदा है। इसकी रेंज भी 7,000 नॉटिकल मील है।

बिजनस एविएशन सॉल्यूशंस कंपनी एजेएम जेट मैनेजमेंट के फाउंड आतीश मिश्रा ने कहा कि इंडियन बिजनेस का ग्लोबलाइजेशन हो रहा है। यही कारण है कि भारतीय रईस लॉन्ग रेंज प्राइवेट जेट खरीद रहे हैं। नए जमाने के इन विमानों में कई तरह की सुविधाएं हैं। कई भारतीय रईसों के प्राइवेट जेट्स कैमैन आइलैंड्स, अमेरिका, सैन मरीनो जैसे देशों में रजिस्टर्ड हैं और उनके विमान यूएई में पार्क किए गए हैं। इसकी वजह यह है कि नॉन-इंडियन रजिस्ट्री से सुविधा रहती है। कई देशों में इसके लिए परमिट लेने की जरूरत नहीं पड़ती है।

नेटवर्थ में भारी उछाल

नाइट फ्रैंक के एक सर्वे के मुताबिक 2021 में भारत में अरबपतियों की संख्या 19 फीसदी बढ़ी और जबकि उनकी वेल्थ 21.4 फीसदी की रफ्तार से 384 अरब डॉलर पहुंच गई। कोरोना महामारी का प्रकोप शुरू होने के बाद प्राइवेट जेट कंपनियों के बिजनेस में भारी उछाल देखने को मिली है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष के दौरान प्राइवेट जेट के मूवमेंट्स में 37 फीसदी बढ़ोतरी देखने को मिली।

 

 

 

 

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