भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ की उम्मीद बढ़ी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिए सकारात्मक संकेत

० उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय ने शुरू की प्रक्रिया, बस्तर के युवाओं के लिए खुल सकते हैं नए अवसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल की उम्मीद जगी है। भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ के गठन की मांग पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा को भेजे जवाबी पत्र में कहा है कि इस प्रस्ताव पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सरकार इस दिशा में सकारात्मक पहल करेगी।
दरअसल, 26 जून को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री को पत्र लिखकर भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ के गठन का अनुरोध किया था। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया था कि बस्तर के आदिवासी युवाओं ने वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, वीरता और कठिन परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता का परिचय दिया है। उनका गुरिल्ला युद्ध का अनुभव भारतीय सेना के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
युवाओं को मिलेगा राष्ट्र सेवा का अवसर
विजय शर्मा ने पत्र में कहा कि बस्तर रेजिमेंट का गठन केवल सैन्य दृष्टि से ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, सामाजिक स्थिरता और स्थानीय युवाओं को राष्ट्र सेवा का संगठित अवसर देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे बस्तर के युवाओं में गौरव, अनुशासन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रक्षा मंत्री ने दिया भरोसा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने जवाबी पत्र में लिखा कि उन्हें बस्तर रेजिमेंट की स्थापना संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हो गया है। इस विषय पर आवश्यक परीक्षण और औपचारिक प्रक्रिया जारी है तथा सरकार इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करेगी।
यदि यह प्रस्ताव मंजूरी प्राप्त करता है, तो भारतीय सेना में ‘बस्तर रेजिमेंट’ का गठन छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर संभाग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे इस क्षेत्र के लिए यह सम्मान, विश्वास और विकास के नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।




