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गौरवशाली चार वर्ष: विस अध्यक्ष चरणदास महंत ने छग विधानसभा की संसदीय यात्रा को नई दिशा दी

 

डॉ. चरणदास महंत, अध्‍यक्ष, छ.ग. विधानसभा के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर

04 जनवरी 2019 को मा. डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा अध्‍यक्ष का पदभार ग्रहण किया और आज उन्‍होंने सफलता पूर्वक 04 वर्ष पूर्ण कर लिये । यह सफर जहॉं चुनौतीपूर्ण था वहीं उनके लिये नये अवसर भी लेकर आया और उन्‍होंने सफलतापूर्वक 04 वर्ष का सफर पूर्ण किया ।

विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के एक वर्ष बाद ही मार्च 2020 में कोरोना ने दस्‍तक दे दी और कोरोना काल में जहॉं बहुत अधिक एहतियात बरतना था वैसे में सत्र आहूत करना एक चुनौती था । जहॉं अन्‍य विधानसभाओं में सत्र की बैठकों में कटौती हुई या संक्षिप्त हुए वहीं छ.ग. विधानसभा ने इसे एक अवसर मानते हुए कोरोना काल में तमाम निरोधात्‍मक उपायों का पालन करते हुए सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किये और इसका पुरा श्रेय माननीय अध्यक्ष महोदय को जाता है। बजट सत्र 2020 के बाद ज‍ब वर्षाकालीन सत्र अगस्‍त में आयोजित होना था उसके पूर्व मा. अध्‍यक्ष ने सत्र के संचालन में कोई असुविधा न हो और सामाजिक दूरी का भी पालन हो सके इस दृष्टि से सभा भवन में दो सदस्‍यों के बीच काँच की दीवार बनाये जाने का निर्देश दिया जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई और बाद में लोकसभा सहित अन्‍य विधानसभाओं ने भी सामाजिक दूरी को बनाये रखने की दृष्टि से कांच का पार्टिशन किया ।

इसके अतिरिक्‍त सभा में कुछ स्‍थानों पर एक ही सीट पर 3-3 या 4-4 सदस्‍य बैठते थे, तो उसका भी समाधान निकालते हुए 3 एवं 4 सीट के सोफा के स्‍थान पर 2-2 सीट के सोफे लगाये गये ताकि सदस्‍यों को आने जाने में असुविधा न हो और सामाजिक दूरी के नियम का भी पालन हो सके।विधानसभा की कार्यवाही प्रिंट मीडिया एवं इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के माध्‍यम से ही जन-जन तक पहूंचती है और चूंकि कोरोना काल में पत्रकार दीर्धा में पर्याप्‍त स्‍थान नहीं था इसलिए माननीय अध्यक्ष महोदय ने विधानसभा स्थित ऑडिटोरियम में एक बड़ी स्‍क्रीन लगाकर सत्र की कार्यवाही का वहाँ प्रसारण करने के निर्देश दिये ताकि मीडिया के प्रतिनिधि उसका अवलोकन कर अपने दायित्‍वों को निर्वहन करते हुए विधानसभा की कार्यवाही को जनता तक पहुंचा सके ।

चूंकि कोरोना काल में आम जनता का भी विधान सभा में प्रवेश निषेध था और जनता भी विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन कर सके इस दृष्टि से विधानसभा की कार्यवाही विधानसभा की Web site पर प्रतिदिन अपलोड की गयी।कोरोना काल में आवागमन के साधन बंद थे ऐसे में प्रश्‍नों आदि की सूचनाऍं विधानसभा में जमा करने में दिक्‍कत होती थी। माननीय अध्यक्ष महोदय ने इसका भी समाधान करने के निर्देश दिये और प्रश्‍नों की सूचनाएं Online लेने की व्‍यवस्‍था माननीय अध्‍यक्ष के निर्देश से प्रारंभ की गई । यही नहीं शासन से भी प्रश्‍नों के उत्‍तर Online ही प्राप्त किए गये और उनकी इसी दूर दृष्टि के कारण आज प्रश्‍नों की सूचनाएं और उत्‍तर Online Question Answer monitaring system द्वारा संपादित की जा रही है ।जिससे न केवल पेपर की बचत हो रही बल्कि समय और ईंधन की भी बचत हो रही है।

उपरोक्‍त के अतिरिक्‍त मा.अध्‍यक्ष के कुशल नेतृत्‍व में महात्‍मागांधी जी की 150वीं जयंती पर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया जो एतिहासिक था और उसकी सर्वत्र सराहना हुई और संभवत: देश में छ.ग. विधानसभा एक मात्र विधानसभा थी जिसने गांधीजी पर केंद्रित सत्र का सुनियोजित तरीके से आयोजन किया । इस सत्र में सभी सदस्‍य एक ही वेशभूषा में थे और सत्र के दौरान गांधीजी पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी एवं नाटिका तथा व्‍याख्‍यान माला का भी आयोजन किया गया ।

साथ ही संविधान दिवस की 70वी वर्षगांठ के अवसर पर 26 नवम्‍बर, 2019 को सभा में संविधान पर विशेष चर्चा हुई और सभी सदस्‍यों ने संविधान की महत्‍ता पर व्‍यापक चर्चा की ।चूंकि छत्‍तीसगढ़ की पंचम विधानसभा में नये सदस्‍यों की संख्‍या बहुत अधिक है इसलिए मा. अध्‍यक्ष ने प्रारंभ से ही नये सदस्‍यों को प्रोत्‍साहित करने का प्रयास किया और जहॉं उनके लिए प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किये वहीं उन्‍हें अधिक से अधिक सभा में बोलने का अवसर दिया । और उन्‍होंने पंचम विधानसभा के प्रथम सत्र में ही 10 जनवरी, 2019 को राज्‍यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान केवल नये सदस्‍यों को ही बोलने का निर्देश दिया । साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित मांगों पर चर्चा के दौरान दिनॉंक 21 फरवरी, 2019 को एवं अंतर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस दिनॉंक 8 मार्च 2021 के अवसर पर उन्होंने केवल महिला सदस्यों को ही बोलने का अवसर दिया । यह उनका नारी शक्ति के प्रति सम्मान का द्योतक है।

छत्‍तीसगढी भाषा के प्रति भी उनका अटूट लगाव है और इसीलिए उन्‍होंने छत्‍तीसगढ़ी राजभाषा दिवस 27 नवम्‍बर 2019 के दिन केवल छत्‍तीसगढ़ी भाषा में ही बोलने का निर्देश सदस्‍यों को दिया और सदस्‍यों ने भी उनके आदेश का पालन किया और छत्‍तीसगढ़ी भाषा में ही अपनी बात रखी ।
वर्तमान विधानसभा भवन में स्‍थान की कमी है इस कारण अध्‍यक्ष द्वारा ली गई रूचि के फलस्‍वरूप राज्य शासन ने छत्‍तीसगए़ विधानसभा के नये भवन का निर्माण करने का निर्णय लया और 29 अगस्‍त 2020 को उसका भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्‍न हुआ जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है और अगस्त 2024 तक पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है।

अध्‍यक्ष डॉ. चरण दास महंत द्वारा अपने कार्यकाल में लिये गये कुछ अन्य प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:-
(1) छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में पहली बार पंचम विधानसभा के सदस्यों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया ।
(2) पहली बार वर्ष 2021 में छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के कैलेण्‍डर एवं वर्ष 2022 में डायरी के प्रकाशन का निर्णय लिया ।
(3)विधानसभा में मा. सदस्‍यों की सुविधा हेतु पंचकर्म यूनिट का निर्माण किया गया।
(4) विधानसभा भवन में मंत्रीगण के लिए सर्वसुविधायुक्‍त 12 नये मंत्री कक्ष निर्माण का निर्णय लिया ।
मुझे उनके मार्गदर्शन में 3 वर्ष से भी अधिक समय कार्य करने का अवसर मिला । वे बहुत मृदुभाषी, विनम्र एवं दूसरों का दु:ख समझने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों/कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उनकी समस्‍याओं के समाधान हेतु भी वे हमेशा तत्‍पर रहे।

इस प्रकार अध्‍यक्ष का कार्यकाल जहॉं चुनौतियों से भरा था वहीं उन्‍होंने उसको एक अवसर मानते हुए छत्‍तीसगढ़ विधानसभा की संसदीय यात्रा को नयी दिशा देते हुए नये कीर्तिमान स्‍थापित करते हुए छत्‍तीसगढ़ विधानसभा की गरिमा में वृद्धि हेतु अनेक महत्‍वपूर्ण निर्णय लिये ।

                                                                                                   चन्द्र शेखर गंगराड़े
                                                                                                      पूर्व प्रमुख सचिव
                                                                                                  छत्तीसगढ़ विधानसभा

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