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CG Politics: मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को करोड़ों का प्लॉट देने का आरोप, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में प्रस्तावित भूखंड आवंटन को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि वन मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप से जुड़ी कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23,327 वर्गफीट का प्लॉट प्रस्तावित किया गया है। कांग्रेस ने इस भूखंड की संभावित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताते हुए पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए?

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड की कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। कांग्रेस का दावा है कि इस जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट नंबर 25 प्रस्तावित किया गया है, जो प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी MR-43 सड़क के पास है।

कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता का दावा है कि सड्डू स्थित प्रस्तावित भूखंड का क्षेत्रफल करीब 2,168 वर्गमीटर यानी 23,327 वर्गफीट है और इसकी संभावित बाजार कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। यह कीमत RDA द्वारा निर्धारित मूल्य नहीं, बल्कि कांग्रेस की ओर से बताया गया अनुमान है।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट पर सवाल

कांग्रेस ने सबसे बड़ा सवाल मूल जमीन और प्रस्तावित अंतिम भूखंड की लोकेशन को लेकर उठाया है। डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि कंपनी की मूल जमीन कचना में है, जबकि प्रस्तावित अंतिम भूखंड सड्डू में करीब एक किलोमीटर दूर है।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 50 के प्रावधानों का हवाला देते हुए पूछा है कि मूल जमीन से इतनी दूरी पर अंतिम भूखंड दिए जाने का वैधानिक आधार क्या है।

150 फीट सड़क के पास जमीन देने पर भी सवाल

कांग्रेस का आरोप है कि नालापारा की मूल जमीन तक पहुंच संकरी सड़क से है, जबकि बदले में प्रस्तावित भूखंड प्रमुख सड़क के पास स्थित है। पार्टी ने सवाल उठाया कि नगर विकास योजना में शामिल जमीन के बदले इसी स्थान का चयन किस आधार पर किया गया।

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि राधिका पैलेस की जमीन को नगर विकास योजना में शामिल करना क्यों जरूरी था और मूल भूमि के आसपास अंतिम भूखंड देने के बजाय सड्डू में प्रमुख लोकेशन पर भूखंड प्रस्तावित करने का आधार क्या है।

कांग्रेस ने मुख्य सचिव से जांच की मांग की

कांग्रेस नेताओं ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि जांच पूरी होने तक योजना को अंतिम रूप देने अथवा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

कांग्रेस ने मंत्री केदार कश्यप के इस्तीफे की भी मांग की है और आरोप सही पाए जाने की स्थिति में संबंधित लोगों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग रखी है।

RDA ने क्या कहा?

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, RDA अधिकारियों ने कहा है कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान उठने वाली आपत्तियों की जांच की जाएगी। RDA की वेबसाइट पर योजना से जुड़े भूखंडों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद इस आवंटन को लेकर विवाद सामने आया है।

मंत्री केदार कश्यप या उनकी पत्नी की कंपनी की ओर से इन आरोपों पर उपलब्ध रिपोर्टों में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। इसलिए फिलहाल कांग्रेस के आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; अंतिम स्थिति संबंधित दस्तावेजों और जांच के निष्कर्ष से स्पष्ट होगी।