भगवान उनका है जो प्रेम करना जानते हैं : नारायण महाराज
गरियाबंद। चरण से प्रेम तो कोई भी कर सकता है ,पर वचन से प्रेम कोई कोई करता है कथा के तीसरे दिन ये उदगार थे श्री हरि सत्संग मण्डल द्वारा आयोजित गरियाबंद में चल रहे श्री भूतेश्वरनाथ शिव महापुराण के कथावाचक श्री नारायण जी महाराज के थे। गरियाबंद की पावन धरा पर विराजित स्वयं भू शिवलिंग श्री भूतेश्वर नाथ के इतिहास के बारे में उन्होंने बताया कि यह विश्व का विशालतम शिव लिंग की उतपत्ति हजारों करोडों वर्षों तक किसी देवी देवता या किसी बड़े ऋषि मुनि के तपस्या के फलस्वरूप हुआ है , उन्होंने देश भर में कथा लाइव देख रहे श्रोताओं को आग्रह किया कि जीवन मे एकबार […]



