सरगुजा में मानसून मेहरबान होता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ देश के कई इलाकों में नदी नाले उफान पर है तो वहीं बलरामपुर इलाके में नदी सूखने के कगार पर है और किसान परेशान हैं। एक तरफ जहां लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त है तो वहीं सरगुजा संभाग सावन में भी सूखे के कगार पर है।
बलरामपुर जिले में जीवनदायिनी कनहर नदी सूख गई है। खेतों में दरारें पड़ती जा रही हैं। किसान कर्ज में डूब रहे हैं। सावन का आधा महीना बीत गया है लेकिन धान का बीड़ा धूप के कारण जल रहा है।
जानकारों का मानना है कि 50 सालों में बलरामपुर में ऐसे हालात कभी नहीं बने। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि बारिश कराने के लिए टोटके का भी सहारा लेना पड़ रहा है। कहीं किसान और इंद्रदेव को प्रसन्न करने मांदर बजा रहे हैं। कहीं ग्राम देवता की पूजा की जा रही है तो कहीं मेंढक-मेंढकी की शादी भी कराई जा रही। देखना होगा सरगुजा पर कब मानसून मेहरबान होता है।
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