रायपुर। लगातार एक के बाद एक हार मिलने से कांग्रेस बौखलाई हुई है। विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, उपचुनाव व नगरीय नगरी निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में हार मिलने से कांग्रेसी बौखलाये हुए हैं। पंचायती चुनाव में तो कांग्रेस पूरी तरह से क्लीन स्वीप हो गई। ये बातें छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने आज मंगलवार को रायपुर के महिला थाना चौक (मधुसूदन दास चौक) में ओडिशा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि बौखलाहट में कांग्रेसी कुछ भी उलूल-जुलुल बोल रहे हैं। बीजेपी शासन काल में नक्सलियों के पनपने के कांग्रेस के सवाल पर पलटवार करते हुए सीएम साय ने कहा कि यह पूरा छत्तीसगढ़ और देश जानता है कि किसके राज्य में नक्सली फले-फूले और किसके राज्य में नक्सलियों के साथ मजबूती से लड़ाई लड़ी जा रही है।
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बैरिस्टर मधुसूदन दास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सादर नमन करते हुए सीएम ने उत्कल समाज और ओडिशावासियों को ओडिशा दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिवस केवल ओडिशा के गठन का उत्सव नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मगौरव और सांस्कृतिक एकता की प्रेरणा है। छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उत्कल समाज के लोग रहते हैं, जो प्रदेश की सामाजिक समरसता और विविधता को सशक्त बनाते हैं।
बैरिस्टर मधुसूदन को किया नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैरिस्टर मधुसूदन दास जैसे दूरदर्शी और समर्पित व्यक्तित्व के संघर्षों के कारण ही एक अप्रैल 1936 को ओडिशा राज्य का गठन हुआ था। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों से सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। महाप्रभु जगन्नाथ को चढ़ने वाला भोग का चावल आज भी छत्तीसगढ़ से जाता है। विशेष रूप से देवभोग क्षेत्र का चावल, जो प्रभु के प्रसाद के रूप में उपयोग होता है। दोनों राज्यों के धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक है।
महाप्रभु जगन्नाथ से प्रदेशवासियों के लिये की कामना
मुख्यमंत्री ने महाप्रभु श्री जगन्नाथ से छत्तीसगढ़वासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमेशा छत्तीसगढ़ पर बना रहेगा। इस अवसर पर विधायक किरण देव, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, श्रीमती मीनल चौबे, सभापति सूर्यकांत राठौर, संजय श्रीवास्तव, उत्कल समाज के सदस्य आदि मौजूद रहे।