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बिजली विभाग की अजब कहानी: 7 साल बाद पुराना बकाया भेजा, उपभोक्ता भी हैरान

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गरियाबंद। अगर आप अपने पुराने बिल और रसीदों को संभाल कर नहीं रखते, तो आप भी बिजली विभाग की लापरवाही का शिकार हो सकते हैं। गरियाबंद नगर के हेमचंद देवांगन के साथ जो हुआ, वह किसी कॉमेडी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। बिजली विभाग ने 7 साल पुरानी बकाया राशि का नोटिस देवांगन को भेजा, और राशि भी मामूली नहीं, पूरे 22,404 रुपये।



हेमचंद के घर जब यह नोटिस पहुंचा तो घरवाले चौंक गए—7 साल पहले कनेक्शन था भी कहाँ? और बकाया बिल क्यों आया? इतना ही नहीं, नोटिस लोक अदालत के नाम पर भेजा गया, जिससे मामला और गंभीर दिखने लगा। नोटिस में बताया गया कि 21 सितंबर को लोक अदालत में हाजिर होना है, और अगर बिल जमा हो चुका है, तो उसकी रसीद साथ लाएं।

इस पूरे मामले का असली ट्विस्ट तब आया, जब हेमचंद ने अपनी 2017 की जमा पावती निकाली। जी हां, 7 साल पहले का बिल उन्होंने उसी समय चुका दिया था। मगर बिजली विभाग ने शायद पुरानी फाइलों की धूल झाड़ते हुए यह नोटिस भेज दिया।

अब सोचिए, अगर हेमचंद के पास यह पावती नहीं होती, तो क्या होता? उन्हें बिना वजह दोबारा 22,404 रुपये चुकाने पड़ते। विभाग के अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि 7 साल पहले के लेनदेन का रिकॉर्ड उनके पास भी नहीं है, लेकिन हेमचंद की पावती सही निकली। अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि गलती कहां हुई।

यह घटना हमें एक महत्वपूर्ण बात सिखाती है—अपने सभी पुराने बिल और रसीदें संभाल कर रखें, वरना आप भी ऐसी अजीबो-गरीब स्थिति में फंस सकते हैं। क्योंकि बिजली विभाग कभी भी आपको अतीत की गलती का हिसाब देने के लिए बुला सकता है!